गोवा से रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। यहां के एक पार्षद के बेटे पर 30 नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण का आरोप है। आरोपी ने शराब पार्टी में वीडियो दिखाए। इसके बाद उसका राज खुल गया। पार्षद के बेटे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। सनसनीखेज और शर्मनाक मामला दक्षिण गोवा से सामने आया है, जहां एक स्थानीय पार्षद के बेटे पर 25 से 30 नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण का आरोप लगा है।
आरोप है कि वह पिछले करीब तीन साल से नाबालिग लड़कियों को फंसाकर उनके वीडियो रिकॉर्ड करता था और फिर उन्हें वायरल करने की धमकी देकर चुप रहने पर मजबूर करता था। मामला उस वक्त खुला, जब आरोपी ने कथित तौर पर एक शराब पार्टी में अपने दोस्तों को ये वीडियो दिखाए। स्थानीय लोगों के भारी विरोध के बाद पुलिस ने आरोपी सोहम सुषांत नाइक को गिरफ्तार कर लिया है। दक्षिण गोवा के कुर्चोरेम इलाके से सामने आए इस मामले ने पूरे राज्य को हिला दिया है।
डर के कारण लड़कियों ने नहीं की शिकायत
पुलिस के मुताबिक आरोपी सोहम सुषांत नाइक एक स्थानीय नगर पार्षद का बेटा है और उस पर आरोप है कि उसने कई नाबालिग लड़कियों के साथ यौन शोषण किया, उनके वीडियो बनाए और फिर उन्हीं वीडियो के जरिए उन्हें धमकाता रहा। बताया जा रहा है कि यह सिलसिला पिछले करीब तीन साल से चल रहा था। डर, शर्म और बदनामी के कारण पीड़िताओं की ओर से खुलकर शिकायत सामने नहीं आ पाई।
शराब के नशे में दिखाए वीडियो
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ, जब आरोपी ने कथित तौर पर एक ड्रिंक पार्टी के दौरान अपने दोस्तों को पीड़िताओं के वीडियो दिखाए। यहीं से यह मामला धीरे-धीरे बाहर आया और पूरे इलाके में भारी गुस्सा फैल गया। जैसे ही मामले की जानकारी स्थानीय लोगों तक पहुंची, लोग बड़ी संख्या में पुलिस स्टेशन के बाहर जमा हो गए और आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी की मांग करने लगे। जानकारी के मुताबिक, स्थानीय नागरिकों और नेताओं ने कड़ी कार्रवाई की मांग की और बढ़ते दबाव के बीच पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया।
सबूतों की जांच कर रही पुलिस
अब पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और गोवा चिल्ड्रेन एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अदालत ने आरोपी को 4 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इस पूरे मामले में और लोग भी शामिल हैं। डिजिटल सबूतों की भी जांच की जा रही है, ताकि यह पता चल सके कि वीडियो रिकॉर्डिंग, ब्लैकमेल और कथित शोषण का दायरा कितना बड़ा है। फिलहाल, पूरे दक्षिण गोवा में इस घटना को लेकर गुस्सा, डर और आक्रोश का माहौल है और लोग मांग कर रहे हैं कि पीड़िताओं को न्याय मिले और दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई हो।
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